المكتبة المرئية

ईसा (ईसा मसीह) के जन्म का चमत्कार और उनकी वास्तविकता

ये आयतें मरियम के एकांतवास से शुरू होती हैं, जहाँ अल्लाह ने मानव रूप में जिब्रील को भेजकर उन्हें एक पवित्र पुत्र का चमत्कारिक समाचार दिया। वे एक खजूर के पेड़ के नीचे मरियम की प्रसव पीड़ा का वर्णन करती हैं, जहाँ अल्लाह ने बहते पानी और मौन रहने के आदेश से उन्हें सांत्वना दी। मरियम बच्चे को गोद में लेकर अपने लोगों के पास आईं; जब उन्होंने आरोप लगाए, तो मरियम ने नवजात शिशु की ओर इशारा किया कि वही बात करे। ईसा ने पालने में ही अपनी माँ को निर्दोष साबित करने के लिए बात की, घोषणा की कि वह अल्लाह के बंदे हैं, जिसने उन्हें किताब दी और नबी बनाया। ये आयतें पुष्टि करती हैं कि ईसा सत्य की वो बात हैं जिसमें लोग संदेह करते हैं, और यह पूरी तरह खारिज करती हैं कि अल्लाह का कोई बेटा हो। ये कयामत के दिन (पछतावे के दिन) की चेतावनी के साथ समाप्त होती हैं, जब अंतिम निर्णय लिया जाएगा और लोग लापरवाही में डूबे होंगे।