المكتبة المرئية

पैगंबरों का मिशन और अदृश्य (ग़ैब) का सच!

ये महान आयतें पैगंबरों और रसूलों के मूल मिशन को स्पष्ट करती हैं, जो कि सुधार करने वाले उन ईमान वालों को जन्नत की खुशखबरी देना है जिन्हें न कोई डर होगा और न ही कोई दुख, और सत्य को झुठलाने वालों को सज़ा की चेतावनी देना है। यह सूरा पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) को आदेश देती है कि वे अपनी कौम के सामने मानवीय विनम्रता के साथ यह घोषणा करें कि उनके पास अल्लाह के खज़ाने नहीं हैं, न ही वे अदृश्य (ग़ैब) का ज्ञान रखते हैं, और न ही वे कोई फरिश्ता हैं, बल्कि वे तो केवल उसी का पालन करते हैं जो उन पर अवतरित किया जाता है। क्या अंधा और देखने वाला बराबर हो सकते हैं? आयतें पैगंबर को यह निर्देश देते हुए समाप्त होती हैं कि वे उन लोगों को चेतावनी दें जो अपने रब के सामने इकट्ठा किए जाने से डरते हैं, जहाँ अल्लाह के सिवा उनका कोई रक्षक या सिफारिश करने वाला नहीं होगा, ताकि वे परहेज़गार (धर्मपरायण) बन सकें।