ये आयतें इस्लाम की महान शिक्षाओं को एकत्र करती हैं, जो इंसान के जीवन को सुधारती हैं और उसके संबंधों को दया, न्याय और अच्छे चरित्र पर आधारित करती हैं। इनमें केवल अल्लाह की इबादत करने और माता-पिता के साथ भलाई व विनम्रता से पेश आने तथा उनके लिए रहमत की दुआ करने का आदेश है। साथ ही रिश्तेदारों, जरूरतमंदों और यात्रियों को उनका अधिकार देने तथा फिजूलखर्ची से बचने की शिक्षा दी गई है। बच्चों की हत्या, व्यभिचार के निकट जाने और बिना न्याय के किसी जीवन को समाप्त करने से रोका गया है। अनाथों के धन के साथ अन्याय, घमंड और अहंकार से भी सावधान किया गया है। इसके अलावा वचन पूरा करने, नाप-तौल में न्याय करने, विनम्र रहने और बिना ज्ञान के किसी बात के पीछे न चलने की शिक्षा दी गई है।